त्रिपुरा के सीएम माणिक का सोशल न होना ही हार की वजह?

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त्रिपुरा में लंबे अर्से से राज करने वाले सीएम माणिक इस बार सत्ता में आते हुए नहीं दिख रहे हैं। इसके पीछे की वजह सबसे बड़ी सोशल होना दिख रहा है। बताते चलें कि बेदाग छवि वाले माणिक के पास न तो खुद का घर है, और न ही खुद का मोबाइल। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं रहते हैं, क्या इसलिए वो चुनाव में हारने के कगार पर खड़े हो चुके हैं?

इंटरनेट के दौर पर सोशल होना कितना जरूरी है, ये शायद किसी से नहीं छिपा है। बताते चलें कि सीएम माणिक सन् 1998 से सीएम के पद पर हैं, लेकिन इस बार उनका किला गिरता हुआ नजर आ रहा है, क्योंकि अगर शुरूआती रूझानों की तरफ ध्यान दिया जाए तो बीजेपी बहुमत में दिख रही है, ऐसे में फिलहाल ये कहना गलत नहीं होगा कि बीजेपी लेफ्ट किला में सेंध करने वाली है।

त्रिपुरा के सीएम माणिक की सबसे बड़ी कमजोरी

सोशल मीडिया के दौर में सीएम माणिक का सोशल न होना ही हार की वजह

यूं तो सीएम माणिक बेदाग छवि के नेता है। इनकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि दशकों से राज करने के बावजूद इनके पास न तो घर है और न ही कार, ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इन्होंने बतौर सीएम कोई लाभ नहीं लिया। लेकिन यहां इनकी सबसे बड़ी कमजोरी ये है कि ये सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो युवाओं को लुभाने में माणिक कमजोर साबित हुए क्योंकि आज का युवा होना चाहता हैं। बता दें कि सीएम माणिक पर यही आरोप लगते हैं कि  राज्य आईटी सेक्टर में पिछड़ा है।

बीजेपी के पास सीएम चेहरा नहीं, मोदी के नाम पर चुनाव लड़ी

सोशल मीडिया के दौर में सीएम माणिक का सोशल न होना ही हार की वजह

हर चुनाव की तरह इस चुनाव में भी बीजेपी ने पहले से सीएम पद के उम्मीद्वार के नाम का ऐलान नहीं किया। इस बार भी बीजेपी पीएम मोदी के नाम पर ही त्रिपुरा में सेंध करने की तैयारी कर चुकी है। ऐसे में यहां ये कहना गलत नहीं होगा कि पीएम मोदी की लोकप्रियता दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। आपको याद दिला दें कि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी त्रिपुरा में अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी, ऐसे में इस बार बीजेपी यहां बहुमत में दिख रही है, जोकि बीजेपी के लिए ऐतिहासिक जीत मानी जा सकती है।

कांग्रेस का खाता नहीं खुलता दिख रहा

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए यह बहुत ही बुरी खबर हो सकती हैं क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस यहां की 10 सीटे जीती थी, लेकिन इस बार कांग्रेस का खाता नहीं खुलता दिख रहा है, जिसकी वजह से राहुल गांधी की साख पर सीधे सीधे सवाल उठ रहा है।

यहां आपको बता दें कि बीजेपी फिलहाल त्रिपुरा में 42 सीटों पर आगे चल रही है, जोकि इसी तरफ इशारा कर रही है कि बीजेपी भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है।

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