कांग्रेस मुक्त भारत के साथ साथ लेफ्ट फ्री इंडिया भी हो जाएगा?

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rahulshahmodi

दशकों से राज कर रही लेफ्ट का हश्र भी अब कांग्रेस की तरह होता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे इसी तरफ इशारा हो रहा है कि क्या अब कांग्रेस के साथ लेफ्ट मुक्त भी भारत हो जाएगा? जी हां, त्रिपुरा चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया। खैर, लोकतंत्र में हार जीत तो लगा रहता है, लेकिन जिस तरह से लेफ्ट और कांग्रेस का हश्र हो रहा है, उससे तो लोकतंत्र में विपक्ष की नैया को डूबाती हुई दिख रही है। आइय़े जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

कांग्रेस मुक्त भारत के साथ साथ लेफ्ट फ्री इंडिया भी हो जाएगा

देश में लेफ्ट का पतन पश्चिम बंगाल से शुरू हुआ था, जब 2011 में ममता ने लेफ्ट के किले को ध्वस्त कर दिया था। जी हां, त्रिपुरा की तरह बंगाल में सन् 1977 से लगातार सत्ता में रहने वाली लेफ्ट पार्टी को ममता ने 2011 में उखाड़ फेंका था, जिसके बाद ममता इतनी मजबूत हो गई कि 2016 में उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस को भी बैकफुट पर ला दिया था। ऐसे में लेफ्ट का एक और किला बीजेपी ने ध्वस्त कर दिया, जोकि लेफ्ट के अस्तित्व को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है?

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कांग्रेस मुक्त भारत के साथ साथ लेफ्ट फ्री इंडिया

बताते चलें कि त्रिपुरा में बीजेपी ने वो कम पिछले चार सालों में कर दिखाया, जिसके लिए कांग्रेस दशकों से कोशिश कर रही है। 2014 में जब लोकसभा चुनाव था तब बीजेपी ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिय़ा था, जिसको लेकर बीजेपी लगातार कोशिशे करती हुई नजर आ रही है। नतीजा ये हुआ कि कांग्रेस की सरकार अब देश की चंद हिस्सों में ही रह गई है। आपको बता दें कि कांग्रेस अभी चंद जगह है तो लेफ्ट सिर्फ एक जगह बची हुई है, ऐसे में अब बीजेपी की नजर लेफ्ट के एक और गढ़ पे जा टिकी हुई है।

कांग्रेस मुक्त भारत के साथ साथ लेफ्ट फ्री इंडिया भी हो जाएगा

यहां अब बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि क्या केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन त्रिपुरा में पार्टी को मिली हार से कोई सबक लेते हैं? वहीं दूसरी तरफ बीजेपी का विजय रथ का निशाना अब केरल है, तो ऐसे में क्या लेफ्ट अपना इकलौता गढ़ बचाने में सफल हो पाती है या नहीं?

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क्या अब लेफ्ट कांग्रेस का दामन थामेगी?

त्रिपुरा चुनावों से पहले भी ये कयास लगाई जा रही थी कि लेफ्ट कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है, लेकिन यहां लेफ्ट ने कांग्रेस का दामन पकड़ने से इंकार कर दिया था, लेकिन त्रिपुरा चुनाव हारने के बाद एक बार फिर से गठबंधन की संभावनाएं तेज होने लगी। दरअसल, चुनाव हारने के बाद लेफ्ट ने कहा कि सबसे बड़ी दुश्मन अब बीजेपी है, ऐसे में अब पार्टी इसका विकल्प खोज रही है।

कांग्रेस मुक्त भारत के साथ साथ लेफ्ट फ्री इंडिया भी हो जाएगा

हालांकि, इससे पहले अटकलों का बाजार गरम हो कि केरल के सीएम ने इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया। बता दें कि सीएम विजयन ने कहा कि 2019 में कांग्रेस से गठबंधन करने की कोई संभावनाए नहीं है।

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