नई शिक्षा नीति-2020 से मिलेगी हिंदी को पहचान, जानिए क्या हुए शिक्षा में बदलाव और क्या होंगे फायदे

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नई शिक्षा नीति-2020 को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। ‌केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी।‌आपको बता दें कि देश में 34 साल के बाद नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इससे पहले 1986 में शिक्षा नीति लागू हुई थी। हालांकि, 1992 में इसमें कुछ संशोधन किए गए थे। ‌

क्या है नई शिक्षा नीति-2020 में खास:-

नई शिक्षा नीति में पांचवी कक्षा तक मातृभाषा हिंदी या स्थानीय क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई का माध्यम रखने की बात कही गई है इसे कक्षा 8 तक या फिर उससे भी आगे बढ़ाया जा सकता है। ‌नई शिक्षा नीति में यह कहा गया है कि किसी भी भाषा को छुपा नहीं जाएगा और विदेशी भाषा की पढ़ाई सेकेंडरी लेवल से ही होगी।

नई शिक्षा नीति-2020 के तहत स्कूल पाठ्यक्रम के 10 + 2 ढांचे की जगह 5 + 3 + 3 + 4 का नया पाठयक्रम संरचना लागू होगी, जो क्रमशः 3-8, 8-11, 11-14, और 14-18 उम्र के बच्चों के लिए है। इसमें अब 3-6 साल के बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम के तहत लाने का प्रावधान है, जिसे विश्व स्तर पर बच्चे के मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण चरण के रूप में मान्यता दी गई है।

इसके साथ ही 3 साल की आंगनबाड़ी शिक्षा और अब 12 साल की स्कूली शिक्षा का प्रावधान बनाया गया है। ‌ बच्चों की पढ़ाई के लिए तीन साली की प्री-प्राइमरी और पहली तथा दूसरी क्लास को रखा गया है। सभी छात्र केवल तीसरी, पाँचवी और आठवी कक्षा में परीक्षा देंगे। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा पहले की तरह जारी रहेगी।‌

आसान हो जाएगी 10वीं 12वीं की परीक्षाएं:-

नई शिक्षा नीति-2020 के अनुसार अब 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को आसान किया जाएगा। छात्रों योग्यता को परखा जाएगा और उसी के अनुसार व्यावहारिक मॉडल तैयार किए जाएंगे वार्षिक समस्या और मॉड्यूलर बोर्ड परीक्षाएं होंगी। ‌परीक्षाएं दो भागों में या फिर दो तरह से हो सकेगी जिसमें की वस्तुनिष्ठ और व्याख्यात्मक परीक्षाएं भी शामिल होगी। ‌

आपको बता दें कि नई शिक्षा नीति-2020 के तहत अब स्कूल के साथ-साथ कॉलेज के डिग्री प्रोग्रामों में भी बदलाव होंगे। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद एजुकेशन सिस्टम और कॉलेज, विश्वविद्यालयों में चल रहा ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल, पीएचडी का सिस्टम काफी बदल जाएगा।

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