राजस्थान छात्र संघ चुनाव : हमें अपने हक की लड़ाई खुद लड़नी होगी- मंजू चौधरी

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राजस्थान छात्र संघ चुनाव

राजस्थान छात्र संघ चुनाव – 2018 आगामी 31 अगस्त को होने वाले हैं। ऐसे में कॉलेज कैम्पस में गरमागर्मी  बढ़ना लाजमी है। इस माहौल का जायजा लेते हुए हम पहुँचे सुजला कॉलेज। ये कॉलेज चुरू जिले के सुजानगढ़ तहसील में स्थित है।

यहां हमारी मुलाकात अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार मन्जू चौधरी से हुई। हम आप को बता दें कि वैसे तो मन्जू चौधरी निर्दलीय उम्मीदवार हैं लेकिन इन्हेंNSUI का संरक्षण प्राप्त है। मन्जू चौधरी बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। जो कि एक मध्यवर्गीय परिवार से आती हैं। इनका परिवार इनकी राजनीतिक सक्रियता को सरहता आया है।

मन्जू चौधरी कहती हैं कि कॉलेज कैम्पस और कैम्पस के बाहर महिलाओं/लड़कियों से तमाम तरह के भेदभाव, छेड़खानी, बदसलूकी आदि की घटनाएं आये दिन होती रहती हैं। जिनपर आवाज उठाने वाला कोई नहीं हैं। इनका मानना है कि हमें अपने पर हो रहे अन्याय के खिलाफ और अपने हक की लड़ाई खुद लड़नी होगी। इसलिए वो छात्र राजनीति में आई है। उनसे हुए बातचीत के कुछ प्रमुख अंश-

राजस्थान छात्र संघ चुनाव

 

प्रश्न – आपके पोस्टर पर लिखा है ‘हम सबका साथ, महाविद्यालय का विकास’। ये महाविद्यालय का किस तरह का विकास होगा?

उत्तर – इसका सीधा सा मतलब है , महाविद्यालय का सर्वांगीण विकास। चाहे वो महाविद्यालय परिसर का विकास हो, महाविद्यालय का शैक्षणिक माहौल हो या महाविद्यालय परिसर के माहौल खास कर लड़कियों के लिए। हम हर वो काम करेंगे जो महाविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को सुदृढ़ करें।

प्रश्न- छात्र राजनीति और मुख्यधारा की राजनीति में की तरह का सम्बंध देखती हैं?

उत्तर- मेरे लिए छात्र राजनीति का मतलब है, छात्रहित की राजनीति। इससे ज्यादा कुछ नहीँ।

प्रश्न – चुनाव के लिए फण्ड कहाँ से आ रहे हैं?

उत्तर – हमारे पास कोई फण्ड नहीं है। हम चुनाव परिवार और मित्रों के सहयोग लड़ रहे हैं।

 प्रश्न – क्या आप छात्र जीवन के बाद भी राजनीति में बनी रहेंगी?

उत्तर – अभी तक कुछ सोचा नहीं, इस विषय पर।

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प्रश्न – आप अपने विपक्ष के एजेंड़े से अलग कैसे हैं?

उत्तर – वो जाति की राजनीति करते हैं हम विकास की राजनीति करते हैं। वो छात्रों को जाति और धर्म के नाम पर बाँट रहें हैं जबकि हमारा केवल एक उद्देशय है कॉलेज का विकास।

प्रश्न- कॉलेज में प्रोफेसर की कमी है और कैंटीन भी नहीं है। आप इस समस्या से कैसे निपटेगें?

उत्तर- हमने पिछले वर्ष भी 14 बार प्रशासन को ज्ञापन दिया और जबतक प्रोफेसरों की कमी पूरी नहीं हो जाती है तबतक हम अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। रही कैंटीन की बात अगर छात्रों ने हमें चुना तो मैं आप को आश्स्वत कर दूँ कि कैंटीन इसी वर्ष शुरू हो जायेगा।

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