बीजेपी की कमल संदेश बाइक रैली में उड़ी कानून की धज्जियां, तो खुल गयी CM योगी की पोल!

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बीजेपी की कमल संदेश बाइक रैली

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने शनिवार को यूपी में शक्ति प्रदर्शन दिखाया। जी हां, बीजेपी ने शनिवार को यूपी में कमल संदेश बाइक रैली को रवाना किया, जोकि कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुआ। बीजेपी इस प्रदर्शन के ज़रिए आगामी चुनावों का शंखनाद किया। तो चलिए जानते हैं कि आखिर कैसे इस रैली में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कानून की धज्जियां उड़ाई?

शनिवार को हजारों की भीड़ के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए इस यात्रा में हर तरफ ‘2019 का प्लान-पीएम मोदी अगेन’ गूंजा। जी हां, कार्यकर्ताओं को यकीन है कि पीएम मोदी दोबारा सत्ता में आएंगे, क्योंकि उन्होंने विकास के लिए काम किया है। इस दौरान सीएम योगी और डिप्टी सीएम दिनेश और केशव की मौजूदगी में बाइकर्स को रवाना किया गया, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जमकर कानून की धज्जियां उड़ाई।

बाइकर्स ने नहीं पहना हेल्मेट

बीजेपी की कमल संदेश बाइक रैली में हिस्सा लेने वाले कार्यकर्ताओ ने हेल्मेट नहीं पहना, जिसकी वजह से कानून की धज्जियां उड़ गयी। जी हां, मजेदार बात तो यह है कि यह सब यूपी पुलिस और यूपी सरकार की मौजदूगी में हुआ, लेकिन किसी भी बाइकर्स का चालान नहीं काटा गया, जिसकी वजह से यूपी सरकार के कड़े कानून व्यवस्था की पोल खोल दिया।

बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल कहीं जाने वाली हेमा मालिनी हेल्मेट लगाकर बीजेपी कार्यकर्ता की बाइक के पीछे बैठी ज़रूर, लेकिन उन्होंने अपने ड्राइवर से शायद यह नहीं कहा कि तुम भी हेल्मेट लगा लो, तभी तो उनका ड्राइवर बिना हेल्मेट लगाए बाइक चला रहा था।

बीजेपी की कमल संदेश बाइक रैली में एक शख्स हुआ घायल

बताते चलें कि कासगंज में बिना हेल्मेट बाइक रैली में शामिल हो रहा एक बीजेपी कार्यकर्ता के ऊपर से वाहन गुजर गया। हादसे में घायल युवक को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

क्या बीजेपी सरकार लेगी एक्शन?

बीजेपी की कमन संदेश बाइक रैली तो हो गयी लेकिन सवाल ये खड़ा होता है कि क्या यूपी की ट्रैफिक पुलिस और सरकार इस लापरवाही पर कोई एक्शन लेगी? हालांकि, इस मुद्दे पर मीडिया सूत्रों द्वारा सफाई भी आ चुकी है कि सीएम योगी ने सभी को हेल्मेट पहनने की सलाह दी थी, लेकिन कार्यकर्ताओ ने एक नहीं मानी। ऐसे में सवाल और भी ज्यादा गम्भीर हो जाते हैं कि आखिर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बिना हेल्मेट रैली को हरी झंडी कैसे दे दी, जबकि वे भलीभांति जानते हैं कि बिना हेल्मेट ड्राइविंग करना न सिर्फ कानून अपराध है, बल्कि जानलेवा भी है।

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